शिकायतकर्ता का दावा—बिना दुकान के लाखों का भुगतान, अधूरे शौचालय का भी पूरा पैसा निकला; बीडीओ ने गठित की तीन सदस्यीय जांच टीम।
मनोज कुमार त्रिपाठी
महराजगंज। नौतनवा विकासखंड के ग्राम पंचायत मंगलापुर में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जिस फर्म के नाम पर करीब 66 लाख रुपये का भुगतान किया गया, वह दुकान मौके पर मौजूद ही नहीं है और वहां केवल एक बोर्ड लगा हुआ है। उनके अनुसार निर्माण सामग्री की आपूर्ति के नाम पर सरकारी धन का भुगतान किया गया, जबकि वास्तविकता कुछ और है।

शिकायतकर्ता का दावा है कि सीमेंट, बालू, गिट्टी, सरिया, जंगला समेत अन्य सामग्री की खरीद का भुगतान उसी कथित फर्म के नाम पर किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी जीएसटी बिलों और दस्तावेजों के जरिए सरकारी धन की निकासी की गई। इस संबंध में जिला विकास अधिकारी को शिकायत भी दी गई है।
इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता ने ग्राम सचिवालय परिसर में बने शौचालय के निर्माण पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शौचालय का निर्माण अधूरा है, लेकिन पूरा भुगतान निकाल लिया गया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास 123 से 140 तक के वाउचर उपलब्ध हैं, जबकि अन्य संबंधित वाउचर सामने नहीं लाए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने सभी बिलों, जीएसटी रिकॉर्ड और भुगतान अभिलेखों की फोरेंसिक स्तर पर जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) ने उन्हें बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि शिकायतकर्ता ने जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें आशंका है कि जांच के नाम पर मामले को लंबा खींचा जा सकता है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।