उमेश चन्द्र त्रिपाठी
काठमांडू! सरकार में आए महज 26 दिन बाद ही नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरूंग के इस्तीफे से बालेन शाह सरकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस्तीफे की घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर की गई। गृह मंत्री का पद संभालते ही उनके तमाम फैसलों से जनता में नाराजगी बढ़ रही थी। इस बीच उनके ऊपर एक विवादित व्यवसायी से संबंध, व्यापारिक साझेदारी और संपत्तियों में हिस्सेदारी का बड़ा आरोप लगा है। इसे लेकर जेन-जी के एक धड़े ने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन भी शुरू कर दिया था।
मंगलवार को राजधानी के संवेदनशील क्षेत्र सिंह दरबार में प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद कार्यालय के बाहर गृह मंत्री सुदन गुरूंग के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन हुआ था।’ गृह मंत्री इस्तीफा दो’ की गूंज से नेपाल का राजनीतिक माहौल गरमा गया था। और इसी के बाद गृह मंत्री के इस्तीफे की कयासबाजी शुरू हो गई थी। सुदन गुरूंग के खिलाफ जेन जी मूवमेंट नेपाल नामक संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन नेपाल पुलिस इसे नेपाली कांग्रेस के छात्र संगठन के विरोध का दावा करती रही।
जिला पुलिस कार्यालय काठमांडू के प्रवक्ता एसपी पवन कुमार भट्टराई के अनुसार गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों का संबंध नेपाली कांग्रेस की छात्र इकाई से है।
आंदोलन के दुरुपयोग का आरोप
‘जेन-जी मूवमेंट, नेपाल’ ने गृह मंत्री पर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए आंदोलनों के दुरुपयोग, आर्थिक लाभ प्राप्त करने और कथित अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने जैसे आरोप भी लगाए है।
बयान में यह भी कहा गया कि हालिया आंदोलन के दौरान हुए नुकसान और शहीदों के अपमान ने जनता की भावनाओं को गहराई से आहत किया है। गृह मंत्री का पद संभालते ही वे अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा ‘बड़े मगरमच्छों पर कार्रवाई के अपने बयानों के कारण चर्चा में रहे, लेकिन जल्द ही उनकी कथित निवेश संबंधी जानकारियां सामने आने के बाद स्थिति बदल गई।