पहले से बेहतर हुई यूपी की कानून-व्यवस्था, अपराधियों में खौफ- योगी
इस मौके पर पुलिसकर्मियों को दी बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर लखनऊ पुलिस लाइन में शोक परेड की ली सलामी
कहा शहीदों के परिवार वालों और पुलिस के कल्याण के लिए सरकार कर रही काम
मनोज कुमार त्रिपाठी
लखनऊ! पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से और बेहतर हुई है। अपराधियों में कानून का भय कायम हुआ है। वे अपनी जमानत तुड़वाकर सलाखों के पीछे जा रहे हैं या फिर कारोबार करने में जुट गए हैं। इस मौके पर यूपी पुलिस के कर्मियों को बड़ी सौगात दी है।

मुख्यमंत्री ने फील्ड ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के मोटरसाइकिल भत्ते समेत विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा की। इसके तहत मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। वहीं पीपीएस अधिकारियों को पांच वर्ष में मिलने वाले भत्ते और सिम/मोबाइल भत्ते में भी इजाफा किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी कठिन हालातों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में पुलिसकर्मियों की सुविधाओं और कल्याण का ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता है।

पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलग-अलग श्रेणियों के भत्तों में बढ़ोतरी का ऐलान किया। मोटरसाइकिल भत्ता: 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह।
पीपीएस अधिकारियों का पांच वर्ष में मिलने वाला भत्ता: 6,400 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये।

सिम/मोबाइल भत्ता- 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये।
इन घोषणाओं से संबंधित पात्र पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

पुलिस स्मृति दिवस पर जवानों के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के कर्तव्य, समर्पण और चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस बल प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों की सुविधाओं में सुधार करना जरूरी है। सरकार की ओर से घोषित भत्तों में बढ़ोतरी को पुलिसकर्मियों के कल्याण की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है।

सपा सरकार पर बरसे सीएम योगी, 815 दंगों का किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 815 दंगे हुए और उस दौरान पुलिस के कामकाज में राजनीतिक हस्तक्षेप किया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त करने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्पष्ट नीति अपनाने पर जोर दिया गया।

अपराधियों पर कार्रवाई में राजनीतिक हस्तक्षेप का लगाया आरोप
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में पुलिस अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले कई बार सोचना पड़ता था। उनके मुताबिक, जब पुलिस किसी अपराधी को गिरफ्तार करती थी तो सत्ता के गलियारों से फोन आने लगते थे और कुछ ही घंटों में अपराधी के बजाय पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो जाती थी। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि उस समय पुलिसकर्मियों से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सत्ताधारी लोगों के निजी हितों के लिए काम कराया जाता था।

पीएसी कंपनियों और पुलिस संसाधनों को लेकर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कार्यकाल में पुलिस थानों में सुविधाओं की कमी और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टे बुलरी (पीएसी) की कंपनियों को बंद करने की कोशिशों का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस समय अपराधियों के पास स्वचालित हथियार होते थे, जबकि पुलिसकर्मियों को जंग लगी राइफलों के सहारे उनका मुकाबला करना पड़ता था। पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के कल्याण और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। कार्यक्रम में भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणाओं के साथ पिछली सरकार की कानून-व्यवस्था पर भी राजनीतिक बहस देखने को मिली।


