‘रोजगार, स्वास्थ्य और विकास पर होगा फोकस’, फरेंदा को जिला बनाने और बंद चीनी मिल की जगह कारखाना लगाने का दिया भरोसा
फरेंदा की सियासत में बजरंग बहादुर सिंह का बड़ा बयान, 2027 में भाजपा की जीत का किया दावा
मनोज कुमार त्रिपाठी
महराजगंज। फरेंदा विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बजरंग बहादुर सिंह ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी राजनीतिक सक्रियता, क्षेत्र के विकास और भाजपा सरकार के कार्यों पर खुलकर बात की। उन्होंने खुद को भाजपा का समर्पित सिपाही बताते हुए कहा कि वह करीब 25 वर्षों से फरेंदा की राजनीति में सक्रिय हैं और आगे भी जनता के बीच रहकर काम करते रहेंगे। उन्होंने 2027 के चुनाव को लेकर दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के सामने कोई दूसरी पार्टी टिक नहीं पाएगी।
‘पहले भी थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे’
फरेंदा विधानसभा में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे विभिन्न नेताओं को लेकर पूछे गए सवाल पर बजरंग बहादुर सिंह ने कहा कि राजनीति में बहुत से लोग आए और बहुत से चले गए, लेकिन वह पहले भी थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा में सभी कार्यकर्ता समर्पित सिपाही हैं। पार्टी जिसे टिकट देती है, कार्यकर्ता उसी प्रत्याशी को जिताने के लिए काम करते हैं। उन्होंने राजेश जायसवाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी बनाया, तब सभी ने पार्टी के निर्णय के अनुसार उनका समर्थन किया। उनके मुताबिक, प्रत्याशी का चयन पार्टी का निर्णय होता है और कार्यकर्ताओं के लिए संगठन सर्वोपरि है।

रोजगार, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर होंगे प्रमुख मुद्दे
वर्ष 2027 में चुनाव जीतने की स्थिति में विकास की प्राथमिकताओं पर उन्होंने कहा कि फरेंदा क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने स्वीकार किया कि इन तीनों क्षेत्रों में अभी काफी काम किया जाना बाकी है।
बस स्टैंड नहीं बनने पर मौजूदा विधायक से सवाल
फरेंदा नगर पालिका में लंबे समय से बस स्टैंड की मांग उठने के बावजूद निर्माण नहीं होने पर बजरंग बहादुर सिंह ने मौजूदा विधायक से सवाल किए। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश सरकार विभिन्न स्थानों पर बस स्टैंड बनवा रही है, तो फरेंदा में अब तक बस स्टैंड स्वीकृत क्यों नहीं हुआ?
उन्होंने कहा कि यदि जनता भविष्य में उन्हें अवसर देती है, तो वह फरेंदा में बस स्टैंड बनवाने का प्रयास करेंगे।
फरेंदा को जिला बनाने के पक्ष में बजरंग बहादुर सिंह
फरेंदा को जिला बनाने की लंबे समय से चली आ रही मांग पर उन्होंने कहा कि जिला गठन का निर्णय सरकार आवश्यकता और उचित समय को देखते हुए करती है। उन्होंने कहा कि वह भी चाहते हैं कि फरेंदा जिला बने, जिससे क्षेत्र के विकास को गति मिल सके।
बंद चीनी मिल की जगह नया कारखाना लगाने का प्रयास
फरेंदा की बंद पड़ी चीनी मिल के मुद्दे पर बजरंग बहादुर सिंह ने बताया कि मिल के मजदूरों का करीब 25 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान कराने में उन्होंने केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी के साथ प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि चीनी मिल से संबंधित मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित है। मामला सुलझने के बाद उस स्थान पर नया कारखाना स्थापित कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।

मोदी-योगी सरकार के विकास कार्यों का किया जिक्र
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए बजरंग बहादुर सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश और करीब 10 वर्षों में प्रदेश में हुए विकास को जनता देख रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने किसानों, मजदूरों, गरीबों और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए काम किया है।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी नेता गलत नैरेटिव और मुद्दों के जरिए मीडिया में बने रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास देश और जनता के हित में कोई ठोस रणनीति और विजन नहीं है।
बिहार में वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों के अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने चुनावी परिणामों को लेकर अपनी राजनीतिक राय रखी। उनका कहना था कि जनता चुनाव में काम करने वाली सरकारों पर भरोसा जताती है।
‘योगी के नेतृत्व में बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकला यूपी’
बजरंग बहादुर सिंह ने कहा कि देश की जनता का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश की जनता का भरोसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर है। उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकला है।

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा अपने काम के आधार पर जनता के बीच जाएगी और 2027 में पार्टी के सामने कोई अन्य दल टिक नहीं पाएगा।
फरेंदा की राजनीति में रोजगार, स्वास्थ्य, बस स्टैंड, जिला बनाने की मांग और बंद चीनी मिल की जगह नए उद्योग की स्थापना जैसे मुद्दे अहम बने हुए हैं। अब आगामी चुनाव में इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों के वादों और उनके विकास संबंधी दावों पर जनता का क्या रुख रहता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

