मनोज कुमार त्रिपाठी
काठमांडू/नेपाल। सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका-3, कप्तानगंज में हुई हिंसक घटना के विरोध में राष्ट्रीय एकता दल के अध्यक्ष विनय यादव गुरुवार से काठमांडू में आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। पार्टी का कहना है कि सरकार को दिए गए 24 घंटे के अल्टीमेटम के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण यह कदम उठाया गया है।
अनशन स्थल पर पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस दौरान सुनसरी घटना में जान गंवाने वाले युवकों को श्रद्धांजलि दी गई तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।

आमरण अनशन शुरू करते हुए विनय यादव ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना था कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
राष्ट्रीय एकता दल ने सरकार के समक्ष कई मांगें रखी हैं। इनमें मृतकों को शहीद का दर्जा देने, घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने, घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने सहित अन्य राजनीतिक और नीतिगत मांगें भी शामिल हैं।
पार्टी नेताओं ने सुनसरी घटना की उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने, पीड़ित परिवारों को उचित राहत एवं मुआवजा देने तथा दोषियों को कानून के दायरे में लाने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि यदि सरकार ने सकारात्मक पहल नहीं की तो देशव्यापी आंदोलन और विरोध कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक नेपाल सरकार या गृह मंत्रालय की ओर से इस आमरण अनशन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। वहीं, अनशन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए नेपाल पुलिस तैनात है और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।