फर्जी आधार कार्ड के जरिए नेपाल पहुंचीं हजारों गाड़ियां, रुपन्देही में घरों-गोदामों में छिपाने का नेटवर्क
मनोज कुमार त्रिपाठी
भारत-नेपाल सीमा के सोनौली बॉर्डर से वाहन तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि बीरजंग , विराटनगर, चंद्रौता और ककरहवा रूट के जरिए बड़ी संख्या में स्कूटियों और अन्य वाहनों को अवैध रूप से नेपाल पार कराया गया।
इस मामले की शिकायत प्रार्थी विनोद कुमार द्वारा करीब छह महीने पहले भारतीय दूतावास तक पहुंचाई जा चुकी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भंसार (कस्टम) कर्मियों द्वारा प्रति वाहन करीब ₹10,000 तक की अवैध वसूली की जाती है और भुगतान होने पर वाहनों को आसानी से सीमा पार करा दिया जाता है।

सूत्रों के अनुसार, नौतनवा की एक एजेंसी से लगभग 1000 स्कूटियां फर्जी आधार कार्ड के जरिए सोनौली बॉर्डर से नेपाल भेजी गईं। इन वाहनों को नेपाल के भैरहवा (जिला रुपन्देही) में घरों और गोदामों में छिपाकर रखने की बात सामने आ रही है।
इतना ही नहीं, आरोप है कि रुपन्देही जिले में करीब 500 भारतीय चारपहिया वाहन भी अवैध रूप से रखे गए हैं। बताया जा रहा है कि भंसारकर्मी प्रति चारपहिया वाहन लगभग ₹3000 लेकर साप्ताहिक “सुविधा शुल्क” लेते हैं, जिससे ये वाहन बिना कार्रवाई के सुरक्षित रहते हैं।

स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि इन वाहनों को तभी बाहर निकाला जाता है जब “सेटिंग” हो जाती है, अन्यथा लंबे समय तक इन्हें छिपाकर रखा जाता है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस नेटवर्क में Electric Scooty की तस्करी तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि इन वाहनों की पहचान और ट्रैकिंग अपेक्षाकृत आसान नहीं होने के कारण तस्करों को फायदा मिल रहा है।
अगर रुपन्देही जिले में संदिग्ध घरों और गोदामों की निष्पक्ष जांच की जाए, तो इस पूरे नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है।