NEET UG 2026 परीक्षा रद्द ! पेपर लीक के शक पर बड़ा फैसला

गेस पेपर से मैच हुए 120 सवाल, NTA ने रद्द की NEET UG परीक्षा

मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बड़ा घोटाला? CBI के हवाले हुआ NEET मामला

पेपर लीक मामले की होगी CBI जांच 

मनोज कुमार त्रिपाठी 

लखनऊ! देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने तीन मई 2026 को आयोजित हुई NEET UG परीक्षा को रद्द कर दिया है। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी की आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यह कदम उठाया गया है। अब मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाएगी। NTA ने साफ किया है कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और नई तारीखों का ऐलान जल्द किया जाएगा। इस परीक्षा में देशभर के करीब 22.05 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था, जो MBBS, BDS, BAMS, BHMS समेत मेडिकल और आयुष कोर्सों में दाखिले का सपना देख रहे थे।

NTA ने जारी किया आधिकारिक नोटिस

NTA ने अपने आधिकारिक नोटिस में कहा कि राष्ट्रीय परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। एजेंसी के मुताबिक, आठ मई 2026 को ही मामले को स्वतंत्र जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया था।

NTA ने कहा कि जांच एजेंसियों से मिले इनपुट और निष्कर्षों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया था कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखना उचित नहीं होगा। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की जांच के बाद पेपर लीक का शक और गहरा गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, परीक्षा से करीब 15 दिन से एक महीने पहले एक कथित “गेस पेपर” छात्रों के बीच वायरल हो रहा था। इस गेस पेपर में करीब 410 सवाल थे, जिनमें से लगभग 120 सवाल NEET परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन में हूबहू पाए गए। इसी खुलासे के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया।

केरल से राजस्थान तक फैला नेटवर्क !

जांच में यह भी सामने आया है कि कथित गेस पेपर केरल से लीक होकर राजस्थान तक पहुंचा था। राजस्थान के सीकर में कंसल्टेंसी चलाने वाले एक व्यक्ति तक यह पेपर परीक्षा से लगभग एक महीने पहले पहुंच चुका था। SOG की टीम ने पिछले कुछ दिनों में देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 20 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें कई करियर काउंसलर और एजेंट शामिल बताए जा रहे हैं।

CBI करेगी पूरे मामले की जांच

केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच CBI को सौंपने का फैसला लिया है। NTA ने कहा है कि वह जांच एजेंसी को सभी रिकॉर्ड, दस्तावेज और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराएगी। एजेंसी का कहना है कि यह फैसला छात्रों के हित और परीक्षा प्रणाली में भरोसा बनाए रखने के लिए लिया गया है।

छात्रों को दोबारा नहीं करना होगा रजिस्ट्रेशन

पुराने रजिस्ट्रेशन ही मान्य रहेंगे।

दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।

कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।

जमा की गई फीस वापस की जाएगी।

नए एडमिट कार्ड और परीक्षा तिथि की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होगी।

सोशल मीडिया अफवाहों से बचने की अपील

NTA ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों से बचें।

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