मनोज कुमार त्रिपाठी
काठमाडौँ, 8 मार्च।
नेपाल में वर्ष 2026 का प्रतिनिधि सभा चुनाव वर्ष 2023 की तुलना में अधिक शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न हुआ। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, सुरक्षा निकायों के बीच मजबूत समन्वय और सुरक्षाकर्मियों की सक्रियता के कारण इस बार मतदान प्रक्रिया बिना किसी बड़ी हिंसक घटना के पूरी हो सकी।
जानकारी के अनुसार, 2023 के चुनाव के दौरान कई जिलों में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं। बाजुरा, रुकुम और कालिकोट जिलों में हुई घटनाओं में आठ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि इलाम, सर्लाही, दोलखा, दाङ, नवलपरासी पश्चिम, हुम्ला, धादिङ, ललितपुर, तनहुँ, म्याग्दी, खोटाङ और भोजपुर समेत विभिन्न जिलों में 23 लोग घायल हुए थे। इतना ही नहीं, कई स्थानों पर विस्फोटक पदार्थ रखकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें भी की गई थीं।

लेकिन 2026 के चुनाव में ऐसे गंभीर घटनाक्रम देखने को नहीं मिले। देशभर के मतदान केन्द्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिसके कारण कहीं भी बड़ी झड़प या हिंसात्मक घटना नहीं हुई। कुछ स्थानों पर मामूली तनाव की स्थिति बनी, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत नियंत्रण में ले लिया।
विशेषज्ञों के अनुसार नेपाल पुलिस की भूमिका इस बार बेहद अहम रही। हाल के समय में हुए कुछ आंदोलनों और सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद पुलिस बल उच्च मनोबल के साथ चुनाव सुरक्षा में सक्रिय रहा।
संविधानविद् और कानून व्यवसायी सूर्य अधिकारी का कहना है कि प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन ही शांतिपूर्ण चुनाव का मुख्य कारण बना। उनके अनुसार सुरक्षा निकायों, चुनाव प्रशासन और अन्य संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय से चुनाव सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
वहीं त्रिभुवन विश्वविद्यालय के सह-प्राध्यापक और सुरक्षा विश्लेषक उमेश चन्द्र रिजाल ने बताया कि पिछले चुनावों के अनुभवों के आधार पर सुरक्षा रणनीति में सुधार किया गया, जिससे संभावित जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सका। उन्होंने सुरक्षा योजना को वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
अधिकारकर्मी अनेत्र खड्का ने भी चुनाव को शांतिपूर्ण बनाने में सुरक्षाकर्मियों की भूमिका की सराहना की। उनका कहना है कि सुरक्षा निकायों की सतर्कता के कारण चुनाव के दौरान किसी बड़ी दुर्घटना या हिंसक घटना को रोका जा सका।
विश्लेषकों के अनुसार नेपाल पुलिस के महानिरीक्षक (आईजी) दानबहादुर कार्की के नेतृत्व में पुलिस संगठन की कार्यक्षमता और पेशेवर क्षमता में भी सुधार देखने को मिला है। प्रदेश स्तर पर अतिरिक्त महानिरीक्षकों की तैनाती और समन्वित सुरक्षा निगरानी ने चुनाव को शांतिपूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पूर्व पुलिस अधिकारियों का भी मानना है कि नेतृत्व परिवर्तन के बाद संगठन में व्यावसायिकता, समान व्यवहार और सेवा सुविधाओं में सुधार हुआ है। निचले स्तर से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक समान अवसर देने और आधुनिक तकनीक के उपयोग को प्राथमिकता देने से पुलिस संगठन धीरे-धीरे आधुनिक प्रणाली की ओर आगे बढ़ रहा है।
समग्र रूप से निर्वाचन आयोग, सुरक्षा निकायों, प्रशासन, राजनीतिक दलों और मतदाताओं के सहयोग और जिम्मेदार भूमिका के कारण 2026 का चुनाव नेपाल के लोकतांत्रिक इतिहास में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित चुनाव के रूप में दर्ज हो गया है।